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September, 2011 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

साहित्य में भावुकता की हिमायत में

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साहित्यालोचना में इन दिनों उदासी छायी हुई है। इस उदासी का प्रधान कारण है कृति-कृतिकार का जीवन से कृत्रिम संबंध।आलोचकों की इस कृत्रिम संबंध को पहचानने में असफलता। किसी भी कृतिकार की कलात्मक श्रेष्ठता उस समय ज्यादा समझ में आती है जब वह अपनी कृति में भावुकता का चित्रण करता है। इन दिनों कृतियों में विवरण-ब्यौरे तो खूब हैं लेकिन भावुकता पता नहीं कहां खो गई है। भावुकता के चित्रण के साथ यह समझ भी होनी चाहिए कि आखिर वे कौन से स्थल हैं जहां भावुकता का निर्वाह किया जाना चाहिए। कथानक के मार्मिक स्थलों की सही समझ और विषय के साथ गहरा संबंध अंततः भावुक स्थलों के चित्रण में मददगार हो सकता है। हिन्दी के प्रमुख आलोचक रामचन्द्र शुक्ल ने तुलसीदास के प्रसंग में यह सवाल काफी पहले बड़े ही सुंदर ढ़ंग से उठाया है। शुक्लजी ने लिखा है-  "प्रबन्धकार कवि की भावुकता का सबसे अधिक पता यह देखने से चल सकता है कि वह किसी आख्यान के अधिक मर्मस्पर्शी स्थलों को पहचान सका है या नहीं। राम कथा के भीतर ये स्थल अत्यन्त मर्मस्पर्शी हैं-राम का अयोध्‍या त्याग और पथिक के रूप में वनगमन; चित्रकूट में राम और भरत का मिलन; शबरी क…

नरेन्द्र मोदी की वर्चुअल सदभावना

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गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 3 दिन का उपवास रखा लेकिन समय से पहले ही खत्म कर दिया। कायदे से 72 घंटे का उपवास था जो आजतक टीवी चैनल के अनुसार 55 घंटे में ही खत्म हो गया। मोदी ने यह उपवास क्यों किया इस पर खूब बहस हुई है। संघ की राजनीति को मैं विगत 35 सालों से ज्यादा समय से करीब से देखता रहा हूँ और मेरी जानकारी में मोदी ने इन 35 सालों में कभी उपवास नहीं किया। हो सकता है उनके भक्त मोदी के उपवास की कोई नईसूची लेकर आएं। लेकिन कम से कम 35 सालों में यह उनका बहुप्रचारित पहला उपवास था। जैसाकि मोदी का व्यक्तित्व है उसके अनुरूप इस उपवास की हाईटैक मीडिया तैयारियां की गयीं और इस उपवास पर 50 करोड़ से ज्यादा का खर्चा किया गया। इतने ज्यादा पैसे खर्च करके भारत में किसी ने राजनीतिक उपवास नहीं किया। सदभावना मिशन के रूप में उपवास को मीडिया में प्रचारित किया गया। उपवास में गुजरात की जनता से ज्यादा संख्या में मीडियावालों ने कवरेज करते हुए शिरकत की। मीडिया का इतना शानदार समावेश और प्रभावशाली कवरेज देखने लायक था। मजेदार बात यह हैकि किसी भी मीडिया घराने ने मोदी के सदभावना के दावे को जमीनी स्तर पर जाकर…