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जलीकट्टु बर्बरता का महिमामंडन है-

दुनिया में अनेक देश हैं जहां आज भी बर्बरता का महिमामंडन होता है,इस तरह के देशों में भारत अग्रणी है। जलीकट्टु हमारे देश की बर्बर प्रथाओं में से एक है।इस तरह की प्रथाओं का हमारे समाज में बचे रहना इस बात का प्रतीक है कि बर्बरता को हमारे समाज की स्वीकृति और वैधता हासिल है, हम बर्बरता देखकर दुखी नहीं होते ,गुस्सा नहीं करते, इसके विपरीत हमें बर्बरता के नजारे में मजा आता है,हमारे समाज की तमाशेखोरी की जड़ में इस बर्बरता की भी भूमिका है।
जलीकट्टु की प्रथा का तमिल पहचान से कोई संबंध नहीं है।तमिल पहचान का मतलब यदि बैल और आदमी का युद्ध है तो निश्चित तौर पर इस प्रथा को बहुत पहले ही बंद हो जाना चाहिए।
संयोग की बात है हमारे देश में देवता पूजा है,पशु पूजा है,लेकिन संवेदनाओं की पूजा अर्चना नहीं होती,संवेदनाओं की अनुभूति के मामले में आज भी प्राचीनकाल में पड़े हुए हैं,हमारी संवेदनाएं आज भी आधुनिक नहीं हो पायी हैं,कहने के लिए तमिलनाडु भारत का सबसे विकसित राज्य है लेकिन उसमें नागरिकों में आज भी एक बड़ा वर्ग है जिसके पास आधुनिक संवेदनाएं नहीं हैं।
जल्लीकट्टु पर जो लोग हंगामा कर रहे हैं वे असल में आदिम स…

नोटबंदी का सच और मोदी सरकार के झूठ-

मोदी सरकार झूठ बोलने में अव्वल है,उनके झूठ को दोहराने के मामले में मोदीभक्त परम अव्वल है ! नोटबंदी के समापन पर वित्तमंत्री अरूण जेटली ने जिस तरह के दावे किए जरा उनकी हकीकत को देखें।

´फाइनेंशियल एक्सप्रेस´(2जनवरी2017) ने मोदी सरकार के आंकड़ों का सच उजागर किया है।मसलन् वित्तमंत्री अरूण जेटली ने अप्रत्यक्ष करों में 26.2 फीसदी बढोतरी की बात कही,उन्होंने यह भी कहा कि सर्दी की फसल बुआई में 6फीसदी की बढोत्तरी हुई,नवम्बर माह में एक्साइज करों की वसूली में 32 फीसदी इजाफा हुआ,लेकिन सच यह है अक्टूबर माह में 41फीसदी की एक्साइज करों की वसूली हुई थी,नवम्बर में तो गिरावट आई।इसी तरह सेवा करों में 13.3फीसदी बढोत्तरी हुई थी लेकिन अक्टूबर माह मेंसेवा करों की वसूली 68.8फीसदी रही।एक्साइज ड्यूटी की वसूली में गिरावट इसके बावजूद आई कि इस दौरान एकबार पेट्रोलियम पदार्थों के करों की दर में इजाफा हो चुका था।यही हाल रवि की फसल के बुआई के आंकड़ों का है,इन आंकड़ों के संदर्भ में भी अरूण जेटली और पीएम मोदी सफेद झूठ बोल रहे हैं।रवि की बुआई में तेज गिरावट आई है।य का है।यही हाल विकासदर के बारे में किए जा रहे दावों का ह…