संदेश

November, 2009 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

महेन्‍द्र 'नेह' के दो वर्चुअल काव्‍य पोस्‍टर

चित्र
महेन्‍द्र 'नेह ' की उपरोक्‍त दोनों कवि‍ताएं और डि‍जायन रवि‍कुमार ,रावतभाटा, के ब्‍लॉग ' सृजन और सरोकार' से साभार यहां दी जा रही हैं।कवि‍ता और पेंटिंग का उनके ब्‍लॉग पर सुंदर संगम दि‍खाई देता है।

अमेरि‍की हवाई अड़डों पर भाव-भंगि‍मा पुलि‍स

चित्र
अमेरि‍की हवाई अड़डों पर इन दि‍नों एक वि‍लक्षण कि‍स्‍म की पुलि‍स पहरा दे रही है,यह ऐसी पुलि‍स है जो आने -जाने वाले लोगों पर नजर रखती है, यह नजरदारी भी वि‍लक्षण है। ये पुलि‍स वाले यात्री के व्‍यवहार को देखकर ठीक करते हैं कि‍ वह आदमी कैसा है, आतंकवादी है या नहीं। इस पुलि‍स का नाम है 'ट्रांसपोर्टेशन सि‍क्‍योरि‍टी एडमि‍नि‍स्‍ट्रेशन' । अभी ये अमेरि‍का में हैं कल यहां भी होंगे।
     इस पुलि‍स दल में व्‍यवहार वि‍शेषज्ञ शामि‍ल कि‍ए गए हैं। ये लोग यात्री के व्‍यवहार को गंभीरता के साथ देखते हैं । उसके बाद पता करते हैं कि‍ आप क्‍या हैं। मसलन् आपके चेहरे की भंगि‍माएं क्‍या हैं, कैसे मुँह बनाते हैं, कैसे बातें करते हैं, कैसे आंखें चलती हैं, कैसे भ्रू चलती है। यानी शारीरि‍क भाव भंगि‍मा को देखकर ठीक करते हैं कि‍ आखि‍रकार यह व्‍यक्‍ति‍ कैसा है। यह सारा पुलि‍सि‍या खेल आतंकवाद वि‍रोध मुहि‍म के रूप में चलाया जा रहा है। इसे ' यात्री व्‍यवहार जांच तकनीक ' का नाम दि‍या गया है। पूरे अमेरि‍का में ऐसे 3000 हजार व्‍यवहार वि‍शेषज्ञ तैनात कि‍ए गए हैं। ये वि‍शेषज्ञ 161 हावई अड्डों पर प्रत्‍येक यात्र…

कैथरीन विलियम्स की एक कविता

चित्र
जितना मुझे याद है उससे ज्यादा भूल चुकी है 
                            एक बिखरे अतीत की
                            अनजान कहानियों में खुद को खोजती हुई।
                          विस्थापन,ताकत के दुरुपयोग और 
                              सरोकारविहीनता के धुंधलके में 
                                   खोई जिंदगी के बीच
                                        पैंतालीस वर्ष बाद,
                                       फिर मैं जीवित हुई-
                                      अंधकार से निकल रोशनी के लिए

                                   (कैथरीन वि‍लि‍यम्‍स की कवि‍ता। अनुवाद-सुधा सिंह)

मीडि‍या में संस्‍कार ,औरत और देवत्‍वभाव

चित्र
मीडियासंस्कारबनाताहै,एटीट्यूट्सबनाताहैऔरस्थापितमूल्योंमेंढालताहै।कभी -कभीस्थापितमूल्योंकाविरोधभीकरताहै।नएमूल्यपैदाकरताहै।किन्तुयहकार्यवह <