जगदीश्वर चतुर्वेदी। कलकत्ता विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग में प्रोफेसर। पता- jcramram@gmail.com
मंगलवार, 4 अगस्त 2009
सुभाष चक्रवर्ती की शोकयात्रा : विरल दृश्य
सुभाष्ा चक्रवर्ती की आज अंतिम यात्रा देखकर मन बेहद दुखी हुआ, टेलीविजन पर कल बार बार माकपा नेताओं और साधारण जनता के लोगों के आंसुओं से भरे नेत्र देखकर कोई सोच नहीं सकता कि सुभाष को उसकी पार्टी और जनता कितना प्यार करती थी,ठीक वही दृश्य आज भी बरकरार था, सुभाष चक्रवर्ती की शवयात्रा जहां - जहां गयी वहां पर हजारों लोगों ने शोकाकुल भाव से अपने प्रिय नेता को अंतिम विदाई दी। मैं बीस साल से कलकत्ते में रहा हूं यहां पर किसी भी कम्युनिस्ट नेता के अंतिम दर्शन करने के लिए इतने व्यापक पैमाने पर जनता नहीं आयी। सुभाष दा की पार्टी के अंदर जितनी स्वीकृति थी उससे बाहर ज्यादा सामाजिक और राजनीतिक स्वीकृति थी। आम जनता के शोकाकुल चेहरे और बांग्ला चैनलों का धारावाहिक लाइव टेलीकास्ट यही संदेश दे रहा था कि सुभाष की जनप्रियता बेजोड़ थी।
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