जगदीश्वर चतुर्वेदी। कलकत्ता विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग में प्रोफेसर। पता- jcramram@gmail.com
शुक्रवार, 14 अगस्त 2009
पानी का संकट
आज के 'हिन्दू' में सबसे ज्यादा चिन्ता पैदा करने वाली खबर प्रकाशित हुई है। अखबार लिखता है नासा के भेजे चित्र बताते हैं कि दिल्ली,पंजाब,हरियाणा और राजस्थान में पानी का स्तर लगातार तेजी से नीचे जा रहा है। पानी का स्तर एक फुट प्रति वर्ष की गति से कम हो रहा है। स्थिति इतनी भयावह है कि इस क्षेत्र के 114 मिलियन लोगों के लिए भयावह सामाजिक और आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है। सन् 2002-08 के बीच में 109 क्यूविक पानी गायब हो गया है। स्थिति जिस गति से खराब हो रही है उसके जल्दी सुधरने की कोई संभावनाएं नजर नहीं आ रही हैं।
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
विशिष्ट पोस्ट
मेरा बचपन- माँ के दुख और हम
माँ के सुख से ज्यादा मूल्यवान हैं माँ के दुख।मैंने अपनी आँखों से उन दुखों को देखा है,दुखों में उसे तिल-तिलकर गलते हुए देखा है।वे क...
-
भगत सिंह जहां एक जोशीला इंकलाबी था वह एक बहुत अच्छा विद्यार्थी भी था। उसके अध्यापक होने के नाते मैं यह बात दावे से कह सकता हूं कि उसे पढ़ान...
-
फैज अहमद फैज और उनकी शायरी की जगह और उसका मूल्य ठीक-ठीक वही बता सकते हैं , जो उर्दू जुबान और अदब के अच्छ...
-
लेव तोलस्तोय के अनुसार जीवन के प्रत्येक चरण में कुछ निश्चित विशेषताएं होती हैं,जो केवल उस चरण में पायी जाती हैं।जैसे बचपन में भावानाओ...
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें