फेसबुक के मालिकों ने ऐसी तकनीक विकसित की है जिसके तहत यूजर इमेज को कम्प्यूटर पहचान लेगा और उस पर टैग भी लगा देगा। अभी इस तकनीक का प्रयोग अमेरिका में किया जाएगा। फेसबुक के अनुसार अभी वह प्रतिदिन दस करोड़ फोटो पर टैग लगाने का काम कर रहा है। फेस रिकॉगिनीशन प्रोसेस के नाम से यह प्रक्रिया फेसबुक ने आरंभ की है। इस प्रक्रिया का निहितार्थ यह भी है कि फेसबुक पर नकली फोटो के साथ भ्रमण करना अब खतरे से खाली नहीं होगा। प्रत्येक इमेज पर टैग होगा। जब इमेज के साथ कोई टैग लगी है तो आप सहज ही उससे अपने को विच्छिन्न नहीं कर पाएंगे। यह काम फेसबुक का सिस्टम स्वचालित ढ़ंग से करेगा। मसलन मेरे नाम के साथ अगर कोई टैग तय हो चुका है तो फिर उसका कोई अन्य दुरूपयोग नहीं कर पाएगा। आप जो भी इमेज पोस्ट करेंगे उसकी टैग दिखाई जाएगी,आप चाहें तो अपनी टैग में रद्दोबदल कर सकते हैं, लेकिन बिना टैग के अब फेसबुक पर कोई इमेज नहीं होगी। इससे फेसबुक पर नजरदारी बढ़ जाएगी। संबंधित टैग से जुड़ी सूचनाएं स्वतः एक जगह संचित होती जाएंगी।
जगदीश्वर चतुर्वेदी। कलकत्ता विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग में प्रोफेसर। पता- jcramram@gmail.com
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