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सोमवार, 3 मई 2010

बर्बर बंधुओ ! तुम धन्य हो तुम्हें धिक्कार है

        

भारत में ऐसे लोग हैं जो इस्राइली यहूदीवाद को अपना प्रेरणा स्रोत मानते हैं, जो इस्राइल की बर्बर सैन्यकला पर फिदा हैं । वे हिटलर और मुसोलिनी की बर्बरता के भी प्रशंसक हैं,फेन हैं। हिन्दुत्व के समर्थकों की भारत में बड़ी फौज है वे जब भी कोई विचार या राजनीति ऐसी देखते हैं जो हिन्दुत्व की आलोचना करती है तो उस पर ततैय्या के छत्ते की तरह टूट पड़ते हैं। जो हिन्दुत्व के हिमायती हैं वे हिन्दू नहीं हिटलर जाति के हैं। हिन्दू कभी किसी से नफरत नहीं करता। हिन्दुओं का इतिहास नफरत करने वालों के खिलाफ संघर्ष का इतिहास रहा है। इसके विपरीत हिन्दुत्व का इतिहास बर्बरता का इतिहास है। 
     भारत में हिन्दुत्व एक बर्बर पंथ है इसके अनुयायियों में गैर हिन्दुओं के प्रति कूट-कूटकर घृणा भरी हुई है। हिन्दुत्व में हिटलर और यहूदीवादी फंडामेंटलिज्म के लक्षण घुले मिले हैं। जिस तरह हिटलर सारी दुनिया के लिए विनाशकारी और अस्थिरता पैदा करने वाला तत्व था वैसे ही यहूदीवादी फंड़ामेंटलिस्ट मध्यपूर्व के लिए विषबेल और विश्व के लिए अस्थिरताकारी हैं। भारत में हिन्दुत्व भी वही भूमिका अदा कर रहा है जो काम हिटलर और यहूदीवाद ने किया है। इन्हें बर्बर बंधु कहना समीचीन होगा।
    बर्बर बंधुओं की संस्कृति बर्बरता और अस्थिरता की संस्कृति हैं। पश्चिम और इस्लाम, पश्चिम और भारतीय संस्कृति, हिन्दू और पश्चिमीसंस्कृति,हिन्दू और गैर हिन्दू, भारत की प्राचीन परंपरा और पश्चिम के अन्तर्विरोधों का ये अहर्निश अतार्किक महिमामंडन करते रहते हैं।
   बर्बर बंधु कहते हैं अपने धर्म को मानो, अपनी नस्ल को मानो,नस्लीय शुद्धता बनाए रखो,मुसलमानों से कोई संबंध मत रखो। उन्हें मातहत रखो। नियोजित ढ़ंग से मुसलमानों को उत्पीडित करो। राष्ट्र की पहचान का आधार धर्म और नस्ल को बनाओ। व्यक्ति की पहचान का आधार भी इन्हीं तत्वों को बनाओ। एथनिक श्रेष्ठता का अहर्निश पारायण करो।
    एथनिक श्रेष्ठता के आधार पर घृणा फैलाओ। श्रेष्ठत्व सिद्ध करने के लिए माइथोलॉजी या पुराणकथाओं का दुरुपयोग करो। इसके आधार पर एथनिक विशिष्टता का बार-बार पाठ करो। बार-बार बताओ हम श्रेष्ठ हैं ,ईश्वर की देन हैं।
    बर्बर बंधु मानते हैं उन्हें कुछ जन्मसिद्ध अधिकार हैं। उनकी आत्मा पवित्र है अन्य की निकृष्ट है। उनका इतिहास उत्पीड़ितों का इतिहास है। मानवाधिकारों का बर्बर बंधु नस्लीय और धार्मिक भेदभाव के नाम पर जमकर दुरुपयोग करते हैं। जिस तरह हिन्दुत्ववादियों का लक्ष्य पाकिस्तान और मुसलमानों को नेस्तनाबूद करना है,वैसे ही यहूदीवाद का लक्ष्य फिलीस्तीन और अरबों को नष्ट करना है। मुसलमानों को बर्बाद करने के लिए यहूदीवादी और हिन्दुत्ववादी अमेरिका और दूसरे राष्ट्रों की अंधभक्ति करते हैं।
    बर्बर बंधुओं का मानना है मुसलमान और अरब असभ्य होते हैं। दोनों ही मुसलमानों और अरबों के बहिष्कार की बातें करते हैं। यहूदीवाद और हिन्दुत्व की संचालक शक्तियों को इवानगेलिक ईसाई समर्थन देते रहे हैं। इन्हें ईसाई यहूदीवादी भी कहा जाता है।
    यहूदीवाद और हिन्दुत्व अस्थिरता पैदा करने वाली ताकतें हैं इन्हें बहुराष्ट्रीयनिगमों और अमेरिका का खुला समर्थन मिला हुआ है। इस्राइल राष्ट्र को सारी दुनिया में रंगभेदीय राष्ट्र के रुप में देखा जाता है। इसका अनुकरण करके हिन्दुत्ववादी भारत को हिन्दू राष्ट्र बनाने के लिए कमर कसे हुए हैं। जिस तरह इस्राइल में फिलीस्तीनियों के साथ दोयमदर्जे के नागरिक का व्यवहार किया जाता है ठीक वैसा ही व्यवहार भारत में हिन्दुत्ववादी गैर हिन्दुओं के साथ करते रहे हैं। वे धन्य हैं उन्हें धिक्कार है।    







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