सोमवार, 3 मई 2010

मधुमक्खियों की असामयिक मौत पर शोकप्रस्ताव

     आमतौर पर मधुमक्खियों के काट खाने की खबर सुनते थे,इधर लंबे समय से उनके दर्शन ही दुर्लभ हो गए हैं। मधुमक्खियां जिस गति से मर रही हैं उससे सारी दुनिया में बॉयोलॉजिकल असंतुलन का खतरा पैदा हो गया है। मई 2009 से अप्रैल2010 के बीच 62 प्रतिशत मधुमक्खियां अमेरिका में मर गयीं।  
      नए तथ्य बताते हैं कि मधुमक्खियां का तेजी से नाश हो रहा है। पता नहीं आपके शहर की क्या हालत है,कृपया मधुमक्खियों की खबर लें कि वे कहां गयीं ?  अमेरिका में मधुमक्खियों की संख्या में अभूतपूर्व कमी आयी है। सन् 2006 में अमेरिका में 2.4 मिलियन मधुमक्खियां गिनी गयी थीं। जंगलों और दूसरे इलाकों में मधुमक्खियों के हजारों छत्ते हुआ करते थे। धीरे -धीरे छत्ते गायब होने लगे। अकेले अमेरिका में ही मधुमक्खियों के 30 लाख छत्ते गायब हुए हैं।
     एक अनुमान के अनुसार सारी दुनिया से अरबों-करोड़ों मधुमक्खियां गायब हुई हैं। वैज्ञानिक समझ नहीं पा रहे हैं कि मधुमक्खियों के विश्वव्यापी विनाश के क्या कारण हैं। मधुमक्खियों के छत्ते की संख्या अकेले अमेरिका में 33.8 प्रतिशत कम हो गयी है। वैज्ञानिकों का मानना है कि मधुमक्खियों के नाश ने नगदी फसलो के लिए खतरा पैदा कर दिया है।
      यह माना जाता है कि मधुमक्खियों का विश्व अर्थव्यवस्था में 26बिलियन डॉलर को योगदान है। अमेरिकी वैज्ञानिकों के अनुसार मधुमक्खियों के व्यापक विनाश का प्रधान कारण है 121 किस्म की खादें और रासायनिक पदार्थ जिनका फसल उगाने के लिए अंधाधुंध इस्तेमाल हो रहा है। World Organisation for Animal Health (OIE)  के अनुसार मधुमक्खियों के विनाश के लिए किसी एक कारण को जिम्मेदार नहीं ठहरा सकते। लेकिन कृषि खादों के अंधाधुंध इस्तेमाल के कारण उनका स्वास्थ्य खराब हुआ है।
      उल्लेखनीय है मधुमक्खियों का विश्व खाद्य सुरक्षा योजना में बड़ा योगदान रहा है । उनके मरने से बॉयोलॉजिकल असंतुलन पैदा हो गया है। सारी दुनिया के लिए फूलों की सख्त जरुरत है और फूलों की शानदार खेती के लिए मधुमक्खियों का होना बेहद जरुरी है। सब्जियों,फल-फूलों की 90 तरह की व्यवसायिक फसलों के उत्पादन के लिए मधुमक्खियों का होना बेहद जरुरी है। खासकर फलों में सेव, मौसम्मी, संतरा, स्ट्रॉवरी, प्याज,अदरक आदि । सनफ्लावर तेल,कॉफी, सोयाबीन आदि। इसी तरह कॉटन के उत्पादन में मधु मक्खियां मदद करती हैं। आओ हम अपने देश में मधुमक्खियां बचाएं।                

3 टिप्‍पणियां:

  1. हम मधुमक्खियों के प्रति चिंता में आपके सहभागी हैं. हम इसलिये भी आपके कृतज्ञ है कि आपने मधुमक्खियों की असामयिक मौत के शोकप्रस्ताव पर बर्बर हिन्दुत्ववादी और इस्रायल के बुरे अपशब्दों से नहीं कुशोभित किया.

    आप की जर्रानवाजी है कि आप इन बेचारी मधुमक्खियों के प्रति इतने दयाशील है.

    कभी फुर्सत के पल हों तो काश्मीरी हिन्दुओं की असामयिक मौत पर भी शोकप्रस्ताव लायें तो आपके आभारी होंगे.

    वैसे हमें मालूम है कि आप वाममार्गियों की नज़र में काश्मीरी हिन्दू मक्खियों से भी गये गुजरे हैं

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  2. दिए गए जानकारी के मुताबिक़ हम भी मधुमक्खियों को लेकर चिंतित हैं.
    आज बहुत सारे जीव जंतु विलिप्त प्राय हो रहे हैं. इनमे से भारत में बाघ प्रमुख हैं.

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  3. ऐसा देशज प्रजातियों पर अभ्यागत प्रजातियों के हमले से शुरू हुआ और बाद में लगता है बाहरी प्रजात्रियाँ भी नए आबो हंवा में लम्बे समय तक पल बढ़ पायीं !

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