सोमवार, 10 मई 2010

एप्पल आई फोन की स्क्रीन सफाई से मजदूर अधमरे हुए

       ‘गार्दियन’ ने आज खबर दी है कि लंबे समय तक n-hexane केमीकल के संपर्क में रहने के कारण  एप्पल आई फोन के चीनी कारखाने के मजदूरों के नर्वस सिस्टम का बहुत बड़ा हिस्सा और रीड की हड्डी नष्ट होने जाने का खतरा है। उनके हाथ-पैर की मांसपेशियों में दर्द रहने लगता है और कमजोरी आ जाती है। यहां तक कि पैरालिसिस तक हो जाती है। साथ ही इससे मर्दानगी के भी चले जाने का खतरा है। यह बात यूके स्थित रॉयल सोसायटी के पॉल ह्वाइटहेड ने कही है।  
      n-hexane केमीकल के दुष्प्रभाव को उद्योग जगत जानता है। पहले अलकोहल का आई फोन की स्क्रीन को परिष्कार करने के लिए इस्तेमाल किया जाता था लेकिन इससे स्क्रीन देर से सूखता था, लेकिन अब अलकोहल की बजाय n-hexane केमीकल का खुलकर प्रयोग किया जा रहा है। इससे मजदूरों का जीवन असुरक्षित हो गया है।
    इस केमीकल के इस्तेमाल के बाद स्क्रीन को सूखने में कम समय लगता है। यह बात बिंटेक के मैनेजर ने कही है। बिंनटेक के जो कर्मचारी एप्पल में काम करते हैं उन्होंने कहा है कि एप्पल के टच स्क्रीन की सफाई के काम में लगे 44 मजदूर इस केमीकल के इस्तेमाल से प्रभावित हुए हैं। यह घटना  घटी है आईफोन 4जी नामक मॉडल के निर्माण के दौरान।
    जो लोग एप्पल आई फोन का इस्तेमाल कर रहे हैं वे लोग इल माल की तथाकथित सुंदरता के परे जाकर भी सोचें कि आखिरकार एप्पल आई फोन क्या कर रहा है और आपके हाथ में क्या लेकर आ रहा है। एक मजदूर ने तो यह महसूस किया कि एप्पल की फैक्ट्री में काम करते -करते वह अब तेज गति से चल ही नहीं पाता ।
   एक अन्य मजदूर ने कहा कि एप्पल आईफोन के लिए उन्हें किस तरह की कुर्बानी देनी पड़ रही है वह हम सब जानते हैं। एप्पल आई फोन के कारखाने में काम करने वाले मजदूरों को आलस्य इस कदर घेर लेता है कि वे सुबह उठ ही नहीं पाते।
   विनटेक के कारखाने में n-hexane केमीकल के प्रयोग के कारण सबसे पहले अगस्त 2009 में मजदूर बीमार पड़े जिनके कारण इस केमीकल के इस्तेमाल को बंद करना पडा,चीन में एप्पल बीमार मजदूरों की संख्या लगातार बढ़ रही है।                  



1 टिप्पणी:

  1. क्या अमेरिका इस केमिकल को अपने देश के मजदूरों को इस्तेमान करने देता?

    एक साम्यवादी देश के मजदूर मर रहे है. और पूँजीवादी देश अपने मजदूरों के प्रति सजग है.

    मानव जीवन से खिलवाड़ ठीक नहीं. जागो....

    उत्तर देंहटाएं

विशिष्ट पोस्ट

मेरा बचपन- माँ के दुख और हम

         माँ के सुख से ज्यादा मूल्यवान हैं माँ के दुख।मैंने अपनी आँखों से उन दुखों को देखा है,दुखों में उसे तिल-तिलकर गलते हुए देखा है।वे क...