शुक्रवार, 18 जून 2010

मुंबई फिल्म उद्योग में ‘हिटलर’ पर बनने वाली फिल्म पर हंगामा

     मुंबई में इन दिनों हिटलर पर बबाल मचा हुआ है। मुंबई में रहने वाले यहूदियों ने हिटलर बनायी जा रही फिल्म पर जबर्दस्त प्रतिवाद किया है। इस प्रतिवाद के कारण हिटलर पर बनने वाली फिल्म से बड़े कलाकारों ने अपना नाम वापस लेना आरंभ कर दिया है। यह फिल्म हिटलर के आखिरी दिनों पर बन रही है और यह विषय अपने आप में मुंबई फिल्म उद्योग के लिए नया है।
    इस फिल्म में मुख्य भूमिका अनुपम खेर को निभानी थी लेकिन यहूदियों के प्रतिवाद  के चलते अनुपम खेर ने अपने को इस फिल्म से अलग कर लिया है। आज उन्होंने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से कहा है कि इस प्रकल्प पर प्रशंसकों के हंगामे के कारण उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए मैं इस फिल्म से अपने को अलग कर रहा हूँ। फिल्म नाम है ‘डिअर फ्रेंड हिटलर’।
    इस फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे हिटलर महान बना,उसका जादू कैसे जनता के सिर पर चढ़कर बोलता था। उल्लेखनीय है भारत में पांच हजार के करीब यहूदी रहते हैं। इनके संगठन के अध्यक्ष जोनाथन सोलोमन ने ‘रायटर’ से कहा है कि "Whoever is making this film is doing so with ignorant, if not more sinister motives ... they are hurting the feelings of a community that has suffered a great deal."
    उल्लेखनीय है मुम्बई में 2006 में एक दुकानदार ने अपने रेस्टोरैंट का नाम ‘हिटलर क्रास’ रख लिया था उस पर भी बबाल मचा था और अंत में दुकानदार को बदलकर ‘क्रॉस कैफे’ नाम रखना पड़ा।  इसी तरह 2007 में एक फर्नीचर की दुकान वाले ने मुम्बई में ‘‘नाजी’’ नाम से बेडस्प्रेड बनाया था और स्वस्तिक को अपने प्रमोशनल ब्रोसर में इस्तेमाल किया था । उस समय भी यहूदियों ने प्रतिवाद किया था। हिटलर पर फिल्म बनाने वाले निर्देशक राकेश रंजन कुमार ने कहा है कि उनकी फिल्म में हिटलर का महिमामंडन नहीं किया गया है।  

1 टिप्पणी:

  1. इस टिप्पणी को एक ब्लॉग व्यवस्थापक द्वारा हटा दिया गया है.

    उत्तर देंहटाएं

विशिष्ट पोस्ट

मेरा बचपन- माँ के दुख और हम

         माँ के सुख से ज्यादा मूल्यवान हैं माँ के दुख।मैंने अपनी आँखों से उन दुखों को देखा है,दुखों में उसे तिल-तिलकर गलते हुए देखा है।वे क...