बुधवार, 30 जून 2010

तालिबान को अमेरिका का रंगदारी टैक्स

     अमेरिका का अफगानिस्तान में तालिबान के साथ किस तरह का संबंध है और कैसे अमेरिकी प्रशासन तालिबान कमांडरों की मदद कर रहा है इसका रहस्योदघाटन आज हुआ है। आज ही अमेरिका के प्रसिद्ध अखबार ‘दि नेशन’ में कांग्रेसनल कमेटी की रिपोर्ट छपी है जिसमें कहा गया है अमेरिकी सेना के लिए अफगानिस्तान में रसद की सप्लाई बनाए रखने के लिए अमेरिकी प्रशासन बड़ी मात्रा में प्रोटेक्शन मनी या रंगदारी टैक्स दे रहा है। यह बात अमेरिका की कांग्रेसनल रिपोर्ट में स्वीकार की गई है।
      इस रिपोर्ट के प्रेस में लीक होने से अमेरिकी प्रशासन परेशान है। अमेरिका के अखबार ‘दि नेशन’ ने इस रिपोर्ट का रहस्योदघाटन किया है। रिपोर्ट का नाम है “Warlord, Inc,” इस रिपोर्ट में बताया गया है कि सेना पर होने वाले खर्चे का एक हिस्सा कैसे तालिबान के हाथों पहुँच रहा है। यह पैसा रंगदारी टैक्स के रूप में तालिबान के सैनिकों को दिया जा रहा है। जिससे अमेरिकी सेना के लिए रसद की अबाधित सप्लाई बरकरार रखी जाए।
    ‘होस्ट नेशन ट्रुकिंग’ नामक कंपनी को 2.16 बिलियन डॉलर का कॉट्रेक्ट दिया गया है इस फर्म का काम है सेना की सुरक्षा रसद सप्लाई बनाए रखना। यह कंपनी अपनी सप्लाई लाइन को बनाए रखने के लिए तालिबान को प्रोटेक्शन मनी देती रही है। इस फर्म ने अफगानिस्तान में भाड़े के सैनिकों की भर्ती की है और उन्हें भी अफगानिस्तान में तैनात किया गया है,जांच में पाया भी गया है कि भाड़े के सैनिकों की सुरक्षा के लिए भी यह फर्म तालिबान को मंथली हफ्ता दे रही है।
     जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि इससे सेना और प्रशासन में भ्रष्टाचार बढ़ा है , तालिबान और भी मजबूत हुआ है। तालिबान को प्रति सप्ताह डेढ़ से दो मिलियन डॉलर का भुगतान किया जा रहा है।यह बात रिपोर्ट में संबंधित कंपनी के हवाले से कही गयी है। इस कंपनी ने स्वीकार किया है कि वह तालिबान को प्रति सप्ताह डेढ़ से दो मिलियन ड़ालर प्रोटेक्शन मनी दे रही है। कंपनी ने कांग्रेसनल कमेटी को लिखा है कि अमेरिकी सेना के अफगानिस्तान के बगराम स्थित मुख्यालय में माल की सप्लाई के लिए प्रति ट्रक के हिसाब से रंगदारी टैक्स दिया जा रहा है।
    कंपनी ने इसका पूरा ब्यौरा दिया है जिसके अनुसार कंधहार से हिरात जाने के लिए प्रति ट्रक 500 डॉलर तालिबान को दिए जाते हैं। काबुल से गजनी जाने के लिए 50 डॉलर दिए जाते हैं। कंपनी ने  रसद सप्लाई के 44 मार्गों का जिक्र किया है इसमें से प्रत्येक मार्ग को 10 तालिबानी वारलोर्ड नियंत्रित करते हैं। उल्लेखनीय है ‘दि नेशन’ अखबार ने नवम्बर 2009 में सबसे पहले यह खबर छापी थी उस पर कांग्रेसनल कमेटी ने जांच की और उस रिपोर्ट को सही पाया है।
  कांग्रेसनल कमेटी के लोगों ने अफगानिस्तान के प्रमुख वारलोर्ड कमाण्डर रूहुल्ला का इंटरव्यू लिया जिसमें उसने माना कि तालिबान के विभिन्न धड़ों को प्रोटेक्शन मनी मिलती रही है। उल्लेखनीय है कमाण्डर रूहुल्ला को सबसे ज्यादा प्रोटेक्शन मनी दी जा रही है।रूहुल्ला ने इंटरव्यू में यह भी कहा है कि वह रंगदारी टैक्स वसूली के बदले में अफगानिस्तान के गवर्नर,पुलिस चीफ और सेना के जनरलों को नियमित घूस देता रहा है। उसने कहा कि वह प्रति माह 3,500 ट्रकों की सुरक्षा करता है और प्रति ट्रक 1,500 डॉलर लेता है। यह पैसा अंततः अमेरिकी करदाताओं की जेब से तालिबानियों के पास पहुँच रहा है। 

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